विंग कमांडर अभिनंदन की मूंछों का फैशन चल निकला
हाल ही में पाकिस्तान से रिहा होकर आए भारतीय पायलट अभिनंदन वर्तमान भारत में एक खास शख्सियत बन गए हैं.
उनसे प्रेरित होकर कई तरह की कलाकृतियां बनाई गई हैं, कई विज्ञापनों में उनका ज़िक्र किया जा रहा है. और तो और उनकी मूंछें एक फैशन ट्रेंड बन गई हैं.
उनकी हैंडलबार मूंछें तो इतनी लोकप्रिय हो गई हैं कि लोग नाई के पास जाकर वैसी ही मूंछें बनावा रहे हैं.
पाकिस्तानी सेना ने उनके लड़ाकू विमान को गिराकर उन्हें कब्ज़े में ले लिया था. इस घटना के कुछ ही घंटों में वो नेशनल हीरो बन गए.
शुक्रवार को जब वो वापस भारत लौटे तो पूरे देश ने उनका शानदार स्वागत किया गया.
पायलट तबसे ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं, उनकी खास स्टाइल की मूंछों को लोग बहादुरी का प्रतीक मान रहे हैं.
डेयरी ब्रांड अमूल, जो अमूमन सोशल ट्रेंड्स पर अपने विज्ञापन बनाता है, उसने पायलट अभिनंदन की मूंछों पर एक ख़ास वीडियो बनाया है.
हैंडलबार मूंछें भारत के लिए कोई नया स्टाइल नहीं है. बॉलीवुड फिल्मों में खलनायक, सैन्य कर्मी और कुख्यात तस्कर अक्सर इस तरह की मूछों में नज़र आते हैं.
लेकिन पिछले कुछ दिनों में हैंडलबार मूछों को लेकर सोच बदली है और अब ये साहस और देशभक्ति का एक प्रतीक बन गई हैं.
बैंग्लुरू के एक हेयर सलून ने सोमवार को उन लोगों को फ्री हेयरकट दी और मूंछें बनाई, जो पायलट अभिनंदन के जैसा दिखना चाहते थे.
बीबीसी हिंदी के इमरान कुरैशी से सलून के मालिक ननेश ठाकुर ने कहा, "अभिनंदन ने हमारे देश के लिए बहुत कुछ किया है. मुझे लगता है कि मुझे हर चेहरे को उसके जैसा बनाने की कोशिश करनी चाहिए."
लेकिन सिर्फ तीन लोगों ने ही अभिनंदन जैसी मूंछें बनवाईं.
उनमें से एक तेजस चौधरी ने कहा कि वो ये विंग कमांडर अभिनंदन के लिए कर रहा है. उसने कहा, "उन्होंने हमारे देश के लिए इतना कुछ किया, क्या मैं उनके लिए इतना भी नहीं कर सकता?"
अभिनंदन स्टाइल मूछें बनवाने वाले एक एम्बुलेंस ड्राइवर नवीन कुमार ने कहा, "अभिनंदन असल हीरो हैं, इसलिए मैं उनके जैसी मूंछें बनवा रहा हूं."
कई और लोग भी अभिनंदन जैसी मूंछें बनवाना चाहते थे, क्योंकि ठाकुर ने कहा कि मेरी मूंछें इतनी लंबी नहीं है कि मैं हैंडलबार मूंछें बनवा सकूं.
जो लोग मूंछें नहीं बनवा पाए उन्होंने सेना के जवानों जैसा हेयरकट करवाया.
सोशल मीडिया पर देश के अलग-अलग इलाकों के लोगों ने अपनी मूंछों वाली फोटो पोस्ट की और कहा कि वो विंग कमांडर अभिनंदन से प्रेरित हैं.
ज़्यादातर भारतीयों ने पायलट अभिनंदन को 27 फरवरी को पहली बार देखा था, जब पाकिस्तान के संचार मंत्रालय ने उनका एक वीडियो पोस्ट किया था. इस वीडियों में अभिनंदन की आंखों पर पट्टी बंधी थी और उनके चेहरे पर लहू था. बाद में पाकिस्तान ने ये वीडियो हटा दिया था.
इसके बाद उनका एक और वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें वो चाय का कप हाथ में लिए हुए थे. इस वीडियो में उनकी आंखों पर पट्टी नहीं ती और उनका चेहरा भी साफ कर दिया गया था.
इसमें उन्होंने अपना नाम और मिलिट्री रैंक बताई और कहा कि वो दक्षिण भारत से हैं. उन्होंने इससे ज़्यादा कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया.
ये क्लिप वायरल हो गई और कई लोगों ने उनकी हिम्मत की तारीफ की. कुछ ही देर में #BringBackAbhinandan नाम से हैशटैग ट्रेंड करने लगा और ट्विटर पर उनकी सुरक्षित रिहाई की प्राथनाएं होने लगीं.
उन्हें जब शुक्रवार को भारतीय अधिकारियों को सौंपा गया तब पंजाब के वाघा बॉर्डर पर तिरंगा लिए खड़े लोगों ने उत्साह से उनका स्वागत किया.
उनसे प्रेरित होकर कई तरह की कलाकृतियां बनाई गई हैं, कई विज्ञापनों में उनका ज़िक्र किया जा रहा है. और तो और उनकी मूंछें एक फैशन ट्रेंड बन गई हैं.
उनकी हैंडलबार मूंछें तो इतनी लोकप्रिय हो गई हैं कि लोग नाई के पास जाकर वैसी ही मूंछें बनावा रहे हैं.
पाकिस्तानी सेना ने उनके लड़ाकू विमान को गिराकर उन्हें कब्ज़े में ले लिया था. इस घटना के कुछ ही घंटों में वो नेशनल हीरो बन गए.
शुक्रवार को जब वो वापस भारत लौटे तो पूरे देश ने उनका शानदार स्वागत किया गया.
पायलट तबसे ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं, उनकी खास स्टाइल की मूंछों को लोग बहादुरी का प्रतीक मान रहे हैं.
डेयरी ब्रांड अमूल, जो अमूमन सोशल ट्रेंड्स पर अपने विज्ञापन बनाता है, उसने पायलट अभिनंदन की मूंछों पर एक ख़ास वीडियो बनाया है.
हैंडलबार मूंछें भारत के लिए कोई नया स्टाइल नहीं है. बॉलीवुड फिल्मों में खलनायक, सैन्य कर्मी और कुख्यात तस्कर अक्सर इस तरह की मूछों में नज़र आते हैं.
लेकिन पिछले कुछ दिनों में हैंडलबार मूछों को लेकर सोच बदली है और अब ये साहस और देशभक्ति का एक प्रतीक बन गई हैं.
बैंग्लुरू के एक हेयर सलून ने सोमवार को उन लोगों को फ्री हेयरकट दी और मूंछें बनाई, जो पायलट अभिनंदन के जैसा दिखना चाहते थे.
बीबीसी हिंदी के इमरान कुरैशी से सलून के मालिक ननेश ठाकुर ने कहा, "अभिनंदन ने हमारे देश के लिए बहुत कुछ किया है. मुझे लगता है कि मुझे हर चेहरे को उसके जैसा बनाने की कोशिश करनी चाहिए."
लेकिन सिर्फ तीन लोगों ने ही अभिनंदन जैसी मूंछें बनवाईं.
उनमें से एक तेजस चौधरी ने कहा कि वो ये विंग कमांडर अभिनंदन के लिए कर रहा है. उसने कहा, "उन्होंने हमारे देश के लिए इतना कुछ किया, क्या मैं उनके लिए इतना भी नहीं कर सकता?"
अभिनंदन स्टाइल मूछें बनवाने वाले एक एम्बुलेंस ड्राइवर नवीन कुमार ने कहा, "अभिनंदन असल हीरो हैं, इसलिए मैं उनके जैसी मूंछें बनवा रहा हूं."
कई और लोग भी अभिनंदन जैसी मूंछें बनवाना चाहते थे, क्योंकि ठाकुर ने कहा कि मेरी मूंछें इतनी लंबी नहीं है कि मैं हैंडलबार मूंछें बनवा सकूं.
जो लोग मूंछें नहीं बनवा पाए उन्होंने सेना के जवानों जैसा हेयरकट करवाया.
सोशल मीडिया पर देश के अलग-अलग इलाकों के लोगों ने अपनी मूंछों वाली फोटो पोस्ट की और कहा कि वो विंग कमांडर अभिनंदन से प्रेरित हैं.
ज़्यादातर भारतीयों ने पायलट अभिनंदन को 27 फरवरी को पहली बार देखा था, जब पाकिस्तान के संचार मंत्रालय ने उनका एक वीडियो पोस्ट किया था. इस वीडियों में अभिनंदन की आंखों पर पट्टी बंधी थी और उनके चेहरे पर लहू था. बाद में पाकिस्तान ने ये वीडियो हटा दिया था.
इसके बाद उनका एक और वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें वो चाय का कप हाथ में लिए हुए थे. इस वीडियो में उनकी आंखों पर पट्टी नहीं ती और उनका चेहरा भी साफ कर दिया गया था.
इसमें उन्होंने अपना नाम और मिलिट्री रैंक बताई और कहा कि वो दक्षिण भारत से हैं. उन्होंने इससे ज़्यादा कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया.
ये क्लिप वायरल हो गई और कई लोगों ने उनकी हिम्मत की तारीफ की. कुछ ही देर में #BringBackAbhinandan नाम से हैशटैग ट्रेंड करने लगा और ट्विटर पर उनकी सुरक्षित रिहाई की प्राथनाएं होने लगीं.
उन्हें जब शुक्रवार को भारतीय अधिकारियों को सौंपा गया तब पंजाब के वाघा बॉर्डर पर तिरंगा लिए खड़े लोगों ने उत्साह से उनका स्वागत किया.
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